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परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर आयोजित किए जा रहे हैं फादर्स मीटिंग
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- Feb 11, 2021
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-केयर इंडिया के फैमिली प्लानिंग कोऑर्डिनेटर सुमन अधिकारी के सहयोग से हो रहे कार्यक्रम
- परिवार नियोजन पखवाड़ा 14 से 31 जनवरी के दौरान 19 जनवरी 2021 को सबसे पहले बछवाड़ा के महादलित टोले में आयोजित कि गई फादर्स मीटिंग
- 20 जनवरी को पहली बार आयोजित फादर्स मीटिंग में शामिल हुए कुल 16 पिता
बेगूसराय, 11 फरवरी-
परिवार नियोजन के प्रति पुरुषों की सोच को बदलने और इसमें पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से जिलेभर में केयर इंडिया के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा फादर्स मीटिंग आयोजित किये जा रहे हैं | इस प्रयास के तहत जिले के बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत महादलित टोले के एक पुस्तकालय मंु सर्वप्रथम परिवार नियोजन पखवाड़ा के दौरान 20 जनवरी को फादर्स मीटिंग आयोजित की गई। पहली बार आयोजित इस बैठक में एक बच्चे वाले 5 पिता, दो बच्चे वाले 9 पिता के साथ बिना बच्चे वाले 2 लोग सहित कुल 16 पिता शामिल हुए। पहली बार आयोजित इस बैठक में शामिल पिता ने कहा कि ये सभी बातें महिलाओं के लिए सुनने की बात है, हम लोगों को इससे क्या फायदा होगा। ऐसे भी परिवार नियोजन के अधिकांश साधन जैसे गर्भनिरोधक गोली, इंजेक्शन, ऑपरेशन महिलाओं के लिए ही तो हैं । उनलोगों ने बताया कि मेरी पत्नी टीका लेने जाती है तो उसे वहां इन सभी बातों के बारे में बताया ही जाता है। बैठक में मौजूद सभी लोगों को परिवार नियोजन अभियान में पुरुषों कि भूमिका के बारे में समझाते हुए उन्हें परिवार नियोजन के स्थाई साधन के रूप में पुरुष नसबंदी और साधन के रूप में कंडोम के के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी 16 पिता के बीच 60 पैकेट कंडोम का वितरण किया गया।
पति और पत्नी को एक साथ बैठाकर परिवार नियोजन के महत्व और जरूरत के साथ स्थाई और अस्थाई साधनों के बारे में बताया जा रहा -
केयर इंडिया की कि फैमिली प्लानिंग कोऑर्डिनेटर रजनी कुमारी ने बताया कि घर- घर भ्रमण करने के दौरान घरों में सिर्फ और सिर्फ महिलाओं से ही मुलाकात होती थी। घर के पुरुषों से काफी मुलाकात होती ही नहीं थी। घरों पर सिर्फ 1 प्रतिशत पुरुषों से ही मुलाकात होती थी वो भी बस इस स्थिति में जब वो बीमारी की कि वजह से अपने काम पर नहीं गया हो। अधिकांश पुरुरूष सुबह सात बजे के बाद अपने-अपने काम से निकल जाते थे। ऐसी स्थिति में परिवार नियोजन का उद्देश्य पूरा होना संभव नहीं दिख रहा था क्योंकि यह तभी सम्भव था जब पति और पत्नी दिनों को एक साथ बैठाकर उन्हें परिवार नियोजन के महत्व और जरूरत के साथ ही परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई साधनों के को बारे में उन्हें बताया जा सके।
बछवाड़ा ब्लॉक भ्रमण के दौरान मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के साथ की कि इस विषय में चर्चा :
उन्होंने उंन्होने बताया कि बछवाड़ा ब्लॉक भ्रमण के दौरान मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के साथ कि इस विषय में चर्चा की गयी कि कैसे पुरुषों को परिवार नियोजन अभियान में भागीदार बनाया जा सके। इसके बाद 14 से 31 जनवरी के बीच चलाये गए नियोजन पखवाड़ा पखवारा के दौरान 19 जनवरी 2021 को बछवाड़ा प्रखंड स्तर पर साल में चार बार आयोजित होने वाली ले बैठक में स्वास्थ्य य विभाग, आईसीडीएस, जीविका, विकास मित्र, के साथ ही 16 पंचायत स्तर के समन्वयक सहित डेवलपमेन्ट पार्टनर्स के तौर पर केयर इंडिया से ब्लॉक मैनेजर, सीएचसी, एफपीसी, पिरामल फाउंडेशन से और डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस बैठक में 14 से 31 जनवरी तक चलने वाले परिवार नियोजन पखवाड़ा पखवारा के साथ ही केयर इंडिया के द्वारा चलाये जा रहे परिवार नियोजन सुरक्षित है कैम्पन के साथ ही परिवार नियोजन रुचि, निःशुल्क सेवा और परिवार नियोजन के लाभ के बारे में चर्चा की गई। इसके साथ ही बैठक में फादर्स मीटिंग के बारे में चर्चा की गई।
20 जनवरी को आयोजित की गई फादर्स मीटिंग :
उन्होंने बताया कि मीटिंग के अगले दिन 20 जनवरी को बछवाड़ा गए और वहां के ब्लॉक मैनेजर और पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और ब्लॉग हेल्थ मैनेजर और महादलित बस्ती के लोगों के सहयोग से यहां के पुस्तकालय में फादर्स मीटिंग आयोजित की गई। मीटिंग के में वहां के विकास मित्र राम चन्द्र राम और आशा आरती कुमारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मीटिंग में मौजूद पिता में से एक ने बताया कि मेरी पत्नी ने मुझसे परिवार नियोजन के बारे में बात की तो ति मैंने मना कर दिया। क्योंकि मुझे लगा कि इससे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ेगा और पत्नी के गर्भवती होने में भी परेशानी होगी।
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रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar