- World Wide
- International
- National
- State
- Union Territory
- Capital
- Social
- Political
- Legal
- Finance
- Education
- Medical
- Science & Tech.
- Information & Tech.
- Agriculture
- Industry
- Corporate
- Business
- Career
- Govt. Policy & Programme
- Health
- Sports
- Festival & Astrology
- Crime
- Men
- Women
- Outfit
- Jewellery
- Cosmetics
- Make-Up
- Romance
- Arts & Culture
- Glamour
- Film
- Fashion
- Review
- Satire
- Award
- Recipe
- Food Court
- Wild Life
- Advice
बांका मंडल कारा के कैदियों को दी गई डीईसी और अल्बेंडजोल की दवा
- by
- Sep 24, 2021
- 1340 views
-कारा अधीक्षक समेत सभी कर्मियों को भी दी गई दवा
-दवा देने के दौरान फाइलेरिया के तीन मरीज भी मिले
बांका, 24 सितंबर।
फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिले में एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान चल रहा है। इस अभियान के तहत जिले के 24 लाख से भी अधिक की आबादी को डीईसी और अल्बेंडाजोल की दवा दी जाएगी। इसी के तहत बांका मंडल कारा के कारा अधीक्षक, कैदियों और सभी कर्मियों को दवा दी गई। मंडल कारा में कुल 1311 लाभुकों को फाइलेरिया से बचाव की दवा दी गई। इस दौरान पर्यवेक्षण वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी आऱिफ इकबाल, केयर इंडिया के डीटीओ ऑन राकेश कुमार और आंगनबाड़ी सेविका और पीसीआई के सदस्य भी मौजूद थे। आरिफ इकबाल में बताया कि मंडल कारा में फाइलेरिया के तीन मरीज भी मिले। सभी मरीजों के साथ अन्य लोगों को फाइलेरिया से बचाव के तरीके बताए गए। साथ ही तीनों मरीजों को सदर अस्पताल से दवा भिजवाने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने बताया कि हमलोग जल्द ही मंडल कारा के मरीजों को दवा भिजवा देंगे।
आशा कार्यकर्ता जा रहीं घर- घर: मालूम हो कि आशा कार्यकर्ताओं की टीम 14 दिनों तक क्षेत्र में लोगों को अपने सामने दवा खिला रही हैं। अभियान के पहले सात दिन में एक आशा के क्षेत्र में पहले छह दिन घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाने के बाद सातवें दिन छूटे हुए घरों में जाकर लोगों को दवा खिलायी जाएगी। आठवें से 13वें दिन तक दूसरे आशा के क्षेत्र में लोगों को घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी और 14वें दिन फिर छूटे हुए लोगों को दवा खिलायी जाएगी। दवा खिलाने के बाद आशा कार्यकर्ता रजिस्टर में लाभुकों का नाम भी दर्ज करेंगी। साथ ही अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग को केयर इंडिया और पीसीआई सहयोग भी कर रहा है। अभियान का पहला चरण समाप्त हो गया है और दूसरा चरण एक अक्टूबर से शुरू होगा। पहला चरण 20 से 23 सितंबर तक चलाया गया।
गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष के कम उम्र के बच्चों को नहीं खिलाई जा रही कोई गोलीः जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ वीके यादव ने बताया कि अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता लोगों को अपने सामने ही डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिला रही हैं। दो से पांच वर्ष के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक गोली, छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जा रही है। अल्बेंडाजोल की गोली लोगों को चबाकर खाने की सलाह दी जा रही है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जा रही है। साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जा रही है। दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफ़ेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफ़ेक्ट देखने को मिलते हैं। साइड इफ़ेक्ट सामान्य होते हैं जो प्राथमिक उपचार से ठीक भी हो जाते हैं।
संबंधित पोस्ट
Mega Job Fair – 2026 13 March 2026 | CPJ Group of Institutions, Narela, Delhi
- Mar 10, 2026
- 104 views

रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar