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गांव में दिख रहा जागरुकता का असर, कोरोना को मात दे रहे ग्रामीण
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- Sep 04, 2020
- 3851 views
- शहरों की तरह गांव में लोग दिखा रहे हैं समझदारी, कर रहे कोरोना से बचाव का उपाय
- अधिक से अधिक जांच कराने पर दिया जा रहा है विशेष जोर, किया जा रहा है जांच के लिए जागरुक
बांका, 04 सितंबर
कोरोना को मात देने में गांव के लोग भी शहर वालों से पीछे नहीं हैं। बल्कि यह कहें कि गांव के लोग कुछ ज्यादा ही समझदारी दिखा रहे हैं। एक दसरे से दूरी बनाकर संक्रमण को मात देने की बात हो या फिर जांच कराने की। हर मामले में ग्रामीण क्षेत्र के लोग समझदारी दिखा रहे हैं। कोविड 19 से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चला रहा है और इसका असर भी दिख रहा है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं, जबकि शहरी क्षेत्र के लोगों में अभी और सुधार लाने की जरुरत है। स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता कार्यक्रम और ग्रामीणों की तत्परता का ही असर है कि कोरोना का चक्र गांव में शहरों की अपेक्षा जल्दी टूट जाता है।
- समझदारी से टूटेगा कोरोना का चक्र
कटोरिया रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ विनोद कुमार कहते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग ज्यादा समझदारी से काम ले रहे हैं। गांव में समूह बनाकर नहीं बैठते हैं, साथ ही भीड़-भाड़ से बच रहे हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में तमाम जागरूकता के बावजूद लोग लापरवाही बरत रहे हैं। यही कारण है कि शहरी क्षेत्र में कोरोना के मरीज अधिक पाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अभी तक संक्रमण के मामले काफी कम हैं।
- गांव के लोगों की मजबूत है प्रतिरोधक क्षमता
डॉ विनोद कुमार कहते हैं कि गांव के लोग शारीरिक तौर पर ज्यादा मजबूत होते हैं। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी शहरी क्षेत्र के लोगों के मुकाबले अधिक होती है, साथ ही गांव में जगह की भी कमी नहीं रहती है। इस वजह से भीड़ नहीं लगती है। गांव के लोगों में कोरोना का प्रसार कम होने का यह भी एक बड़ा कारण है। डॉ विनोद कुमार कहते हैं कि गांव के लोगों का आहार भी काफी संतुलित होता है। तेल मसाले से युक्त ज्यादा भोजन नहीं करते, जबकि शहरी क्षेत्र में बाहरी खाने का प्रचलन अधिक है। इस वजह से शहरी क्षेत्र के लोगों की प्रतिरोधक क्षमता गांव के लोगों के मुकाबले कमजोर होती है, साथ ही गांव के लोग हरी सब्जी, दूध और प्रोटीन युक्त भोजन का भी अधिक सेवन करते हैं।
- शहरी क्षेत्र में लगातार चल रहा है जागरूकता कार्यक्रम
बांका शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग के लोग शहरी क्षेत्र में लगातार अपना अभियान चला रहे हैं। लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि यह बात भी सही है कि लोगों को अभी और जागरूक होने की जरूरत है, तभी हम कोरोना पर पूरी तरीके से काबू पा सकेंगे।
- आम जन से भागीदारी बढ़ाने की अपील
डॉ चौधरी कहते हैं कि शहर से लेकर गांव तक स्वास्थ्य विभाग शिविर लगा रहा है। वहां जाकर लोगों को बेधड़क जांच करानी चाहिए, साथ में आसपास के लोगों को भी जांच के लिए प्रेरित करना चाहिए। जांच का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि लोगों को पता चल जाता है कि कौन संक्रमित है और कौन नहीं। इस हिसाब से लोग अपना बचाव कर लेते हैं।
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रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
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